International Women's Day- Jal Saheli Sammelon

International Women's Day- Jal Saheli Sammelon Event Date: 08-03-2018

08 मार्च 2018- ‘‘महिला अग्नि है तो वारिस भी है। स्त्री के अन्दर व्याप्त नैसर्गिक शक्ति उसे स्वयंसिद्धा बना सकती है। इतिहास के विभिन्न कालखण्डों में महिलाओं की स्थिति में उत्थान-पतन हुआ है, किन्तु महिला ने अपने अस्तित्व का लोहा पुरुष समाज से मनवाया है। महिलाओं के बगैर समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती।’’
उपरोक्त विचार जल जन जोडो अभियान एवं परमार्थ समाज सेवी संस्थान के तत्वाधान में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वीरांगना होटल में  आयोजित जल सहेली सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रुप में सम्बोधित करते हुए झांसी मण्डल की मण्डलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव ने व्यक्त किये। मुख्य अतिथि ने कहा कि महिलाओं को आगे बढाने में कहीं न कहीं पिता और भाई की भी भूमिका महत्वपूर्ण होती है, जिसे नकारा नहीं जा सकता। मुझे इस मुकाम तक पहुंचानें में मेरा पिता का अकथनीय योगदान है। उन्होंनें कहा कि स्त्री को अपने सपनों को साकार करने के लिए लगन और मेहनत के साथ चुनौतियां का सामना करना चाहिए।
संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए अपर मण्डलायक्त प्रशासन उर्मिला सोनकर खाबरी ने कहा कि अभावों में जीकर हम वास्तविक जीवन संघर्षों से परिचित होते हैं। हम बगैर शिक्षित हुए अपने अधिकारों को नहीं जान सकते। उन्होंनें महिलाओं को प्रेरित करते हुए कि शिक्षा ही हमें उन्नति के मार्ग की ओर अग्रसर करती है। जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को भू्रण हत्या एवं महिला हिंसा का विरोध करना चाहिए, ताकि हम अपने समाज को संवदेनशील और हरा-भरा बना सके।
जल सहेली सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए महिला थानाध्यक्ष अर्चना सिंह ने कहा कि महिलाओं को चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उनका डटकर मुकाबला करना चाहिऐ। महिलाओं के लिए प्रतिदिन ही महिला दिवस है। समाज को उनके साथ समानता, सहयोग और संवेदनशील बर्ताव करना चाहिए। उन्होनें कहा कि महिलाओं को अपने प्रति हो रही नाइंसाफियों का भी मुखर होकर विरोध करना चाहिए। परिवार बचाने के नाम पर महिलाओं को अपने आत्म सम्मान की कुर्बानी नहीं देनी चाहिए।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ समाजसेविका डाॅ. नीति शास्त्री ने महिलाओं का आव्हान किया कि वे जल जन जोडो अभियान की तरह  समाज के हर वर्ग को बिना किसी भेदभाव के जोडे और बुन्देलखण्ड को फिर से पानीदार बनाने में अपना योगदान दें। इस अवसर पर झांसी नगर निगम की पूर्व महापौर किरन राजू बुकसेलर ने कहा कि बुन्देलखण्ड की महिलायें रानी झांसी को अपनी प्रेरणा मानती हैं, अतएव सामाजिक बुराईयों के खिलाफ जंग में भी बुन्देलखण्ड की महिलायें सबसे आगे रहती हैं। उन्होनें जल सहेलियों को बधाई देते हुए कहा कि आगामी पीढियां उनके जल संरक्षण के कार्य के लिए ऋणी रहेगी। शिक्षिका नेहा मिश्रा ने अपने सम्बोधन में जल सहेलियों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी जल सहेली बनाकर जल संरक्षण करने हेतु पे्ररित करने का आव्हान किया। 
जल सहेली सम्मेलन में मुख्य अतिथि मण्डलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव सहित समस्त अतिथियों ने ललितपुर के चन्द्रापुर की पुष्पा, जमालपुर की सरोज, बरीकलां की अनीता, कोटरा की बालकुंवर, कलोथरा की रामवती, झांसी के खजराहा की मीरा देवी एवं अंजलि, मानपुर की गीता, बंगरा की ममता, बबीना की मनकू आदि जलसहेलियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। 
कार्यक्रम का प्रारम्भ समस्त अतिथियों द्वारा द्वीप प्रज्जवलन कर एवं मां सरस्वती, लक्ष्मीबाई व भारतमाता के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। स्वागत गीत आरती ने व महिला प्रेरणा गीत जितिन सोनी ने प्रस्तुत किया।
अतिथियों का स्वागत करते हुए जल जन जोडो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संजय सिंह ने कहा कि सारे भारतवर्ष में बुन्देलखण्ड प्राकृतिक आपदाओं वाले क्षेत्र का पर्याय बन कर रह गया है। यहां का सूखा और निम्न पेयजल स्तर यहां के पलायन, अन्ना प्रथा, भुखमरी आदि सामाजिक बुराईयों के लिए जिम्मेवार है। परमार्थ और जल जन जोडो अभियान का प्रयास है कि राज, समाज और प्रशासन मिलकर बुन्देलखण्ड को सूखे से मुक्त कर लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करायेगे। उन्होनें कहा कि परमार्थ का यह संकल्प है कि बुन्देलखण्ड में कोई भूख और प्यास से अपना दम नहीं तोडेगा, जिसमें जल सहेलियों की भूमिका बडी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम का संचालन डाॅ. मुहम्मद नईम ने व आभार संध्या सिंह ने व्यक्त किया। इस अवसर वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. ए. के. त्रिपाठी, सिफ्सा के जिला कार्यक्रम प्रबन्धक आनन्द चैबे, परमार्थ के कार्यक्रम समन्वयक मनीष कुमार, शाहिद खान, प्रंशसा गुप्ता, शेख अरशद, हिमांशु विमल, सोनिया पस्तोर, तारादेवी, जितेन्द्र यादव, अमरदीप, किशोर, राजेश कुमार, विनीता यादव, आदि सहित दो सैंकडा से अधिक जल सहेलियां उपस्थित रहीं।
इससे पूर्व प्रातः दस बजे इलाइट चैराहे से रानी लक्ष्मीबाई पार्क तक जल सहेलियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जनजागरुकता हेतु पैदल मार्च किया, जिसे उप श्रमायुक्त झांसी मण्डल रचना केसरवानी ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।