कनेरा नदी जिला झाँसी में सामुदायिक श्रमदान

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कनेरा नदी जिला झाँसी में सामुदायिक श्रमदान Event Date: 08-02-2018

बुन्देलखण्ड में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है सिंचाई के लिए तो पानी दूर पीने के पानी का भी संकट आज बुन्देलखण्ड के कई इलाकों में दिखायी दे रहा है बुन्देलखण्ड वर्तमान में प्रतिकूल मौसम के दौर से गुजर रहा है हर तीन वर्ष में इस इलाके में सूखे की पुर्नवृत्ति हो रही है। बुन्देलखण्ड ही नहीं पूरेभारत जल संकट लगातार बढता जा रहा है जिसका एक मात्र उपाय है वर्षाजल संचयन जब तक हम वर्षाजल के संचयन के लिए सरकार की तरफ आस लगाये रहेगे तब तक यह संकट लगातार बना रहेगा बुन्देलखण्ड में हजारों की तादात में बने तालाब समाज ने श्रमदान से ही बनाये थे, श्रमदान को लोग भूल गये है यह बात ग्राम खजुराहा बुजुर्ग में आयोजित श्रमदान शिविर में उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक तकनीकि सेवा महेन्द्र मोदी ने कही। ग्राम खजुराहा बुजुर्ग के किनारे से बहने वाली बरसाती नदी केनरा के पुर्नजीवन का अभियान परमार्थ समाज सेवी संस्थान ने स्थानीय समुदाय के सहयोग से शुरू किया गया है इस अवसर पर श्रमदान शिविर का आयोजन किया गया था श्रमदानियों को सम्बोधित करते हुये जल जन जोडो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संयज सिंह ने कहा कि हम श्रमदान से जो कार्य करते है वह हमारी एक तपस्या है जिससे हम प्रकृति का संरक्षण करते है, जल जन जोडो अभियान द्वारा देशभर में श्रमदान शिविरों का लगातार आयोजन किया जा रहा है इन शिविरों के माध्यम से समाज को प्राकृतिक संसाधनों (नदी, तालाब) से जोडने का कार्य किया जा रहा है, श्रमदान के माध्यम से छतरपुर, टीकमगढ, हमीरपुर, जालौन व ललितपुर के कई गांव में लोगों ने अपने तालाबों को ठीक किया है इस अवसर पर श्यामबिहारी गुप्ता, संयोजक, उन्नत भारत अभियान ने कहा कि गांव, श्रमदान, गाय इन तीनों में अटूट रिश्ता है इसे समझना होगा, केनरा नदी पर आयोजित श्रमदान में 200 से अधिक ग्रामीण महिला, पुरूषों ने भाग लिया इन महिलाओं ने नदी की शिल्ट को निकालकर बाहर फेका। कृषि विशेषज्ञ प्रियंका विश्वकर्मा ने ग्रामीणों को नाडे और वर्मी कम्पोस्ट के बारे विस्तार से बताया, श्रमदानियों में अदभुत उत्साह था और उन्होंने हर महिने श्रमदान करने का संकल्प लिया, श्री मोदी जी द्वारा कुओं के रिचार्ज में ट्रेंच के महत्व को बताया गया, इस अवसर पर हरनाम सिंह, प्रधान
खजुराहा बुजुर्ग ने कहा कि हमारे गांव में गम्भीर पेयजल का संकट है मात्र 10 प्रतिशत ही खेती में रबी की फसल  बोई गयी है गांव मे पहली बार लोगों को पलायन करना पड रहा है, गांव में नल जल योजना को शुरू करने की आवश्यकता है जल सहेली मीरा ने कहा कि महिलाऐं एक बार फिर से केनरा नदी को पुर्नजीवित करने का संकल्प ले रही है इस संकल्प को फलीभूत करने में समाज के सभी वर्गो को योगदान चाहिए, जल जन जोडो के राज्य संयोजक मनीष ने कहा कि आजीविका के संसाधनों के विकास के लिए इस गांव में रेशम कीट पालन कराया जायेगा जिससे ग्रामीण लोगों की आजीविका में विकास होगा, सामाजिक कार्यकर्ता राजेश ने ग्रामीणों के साथ मिलकर लगातार इस गांव सहित आस-पास के 10 गांव में भी श्रमदान का कार्य कराया जायेगा, गांव की महिलाओं ने शराबबंदी की आवाज उठायी इस अवसर पर बबीना के थानाध्यक्ष ने महिलाओं के साथ मिलकर शराबबंदी के अभियान में सहयोग करने का आश्वासन दिया, इस पर डीजी महेन्द्र मोदी ने भी सहयोग का आश्वासन दिया, इस अवसर पर ग्रामीण व क्षेत्रियजन बडी तादात में एकत्रित रहे और सभी ने श्रमदान में हिस्सेदारी की।